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मशीनें बदले बिना मशीन डाउनटाइम कैसे ट्रैक करें

हर मशीन के बाहर एक सेंसर लगाइए जो वही सिग्नल पढ़े जो मशीन पहले से देती है, जैसे स्टैक लाइट या उसका खींचा हुआ करंट। सेंसर रिकॉर्ड करता है कि मशीन कब चली और कब रुकी, अंदर कोई वायरिंग नहीं। फिर आपका डाउनटाइम डेटा रजिस्टर पर टिकने की जगह अपने आप बनता है।

लेखक प्रकाशित: आखिरी अपडेट:

डाउनटाइम रजिस्टर कम क्यों गिनते हैं?

रजिस्टर इस पर टिका है कि कोई इंसान स्टॉप को देखे, याद रखे और लिख दे। छोटे स्टॉप और व्यस्त घंटे सबसे पहले छूटते हैं।

  • ऑपरेटर मशीन चला रहा होता है, इसलिए रजिस्टर शिफ्ट के आखिर में याददाश्त से भरा जाता है।
  • कुछ मिनट से कम के स्टॉप लिखने लायक नहीं लगते, पर वो दिन भर दोहराते हैं।
  • समय गोल कर दिया जाता है। 23 मिनट का स्टॉप "आधा घंटा" या "करीब 20 मिनट" बन जाता है।
  • जो कारण लिखा जाता है वो अक्सर सबसे आसान होता है, असली नहीं।

नतीजा ऐसा रजिस्टर है जो पूरा दिखता है और फिर भी खोए हुए समय का बड़ा हिस्सा छोड़ देता है। इलाज ये है कि समय नापने का काम याददाश्त से हटाकर मशीन को दे दिया जाए।

मशीन खोले बिना डाउनटाइम कैसे ट्रैक करें?

आप वही पढ़ते हैं जो मशीन पहले से बाहर दिखाती है। सेंसर एक सिग्नल पकड़ता है, एक छोटा डिवाइस उसे मशीन की स्थिति में बदलता है, और स्थिति डैशबोर्ड पर जाती है।

दो सिग्नल ज़्यादातर फ्लोर को कवर करते हैं। पहला स्टैक लाइट है, यानी कई मशीनों के ऊपर लगी रंगीन लाइटों की मीनार। दूसरा करंट क्लैंप है, एक रिंग जो पावर केबल के चारों ओर बैठती है और महसूस करती है कि कितना करंट बह रहा है। कटिंग करती मशीन, चालू पर इंतज़ार करती मशीन से ज़्यादा करंट खींचती है।

LiveMach अपना खुद का ESP32 आधारित डिवाइस इस्तेमाल करता है, जिसके सेंसर मशीन के बाहर लगते हैं। अंदर कुछ काटा या दोबारा जोड़ा नहीं जाता, और डिवाइस मशीन से इलेक्ट्रिकली आइसोलेटेड है। इंटरनेट चला जाए तो डिवाइस लॉग करता रहता है और बाद में खुद सिंक कर लेता है।

प्रोडक्ट पेज पर हार्डवेयर और डैशबोर्ड के बारे में पूरी जानकारी है। मशीन डाउनटाइम ट्रैकिंग

कौन सी मशीन स्टेट ट्रैक करनी चाहिए?

शुरू करने के लिए चार स्टेट काफी हैं: चल रही, रुकी, आइडल और बंद। शिफ्ट का हर मिनट इनमें से किसी एक में आता है।

स्टेटआसान मतलब
चल रही (Running)मशीन अपना काम कर रही है।
रुकी (Stopped)मशीन रुक गई है, किसी खराबी या इंतज़ार की वजह से।
आइडल (Idle)चालू है, पर प्रोडक्शन नहीं हो रहा।
बंद (Off)स्विच ऑफ है, जैसे शिफ्ट के बाद।

आइडल वो स्टेट है जो लोग सबसे ज़्यादा भूलते हैं। माल के इंतज़ार में चालू खड़ी मशीन ऑफिस से व्यस्त दिखती है, और रजिस्टर में शायद ही दर्ज होती है।

कैसे पता चले कि मशीन क्यों रुकी?

सेंसर बता सकता है कि मशीन रुकी और कितनी देर के लिए। वो ये नहीं बता सकता कि क्यों। कारण मशीन के पास खड़े इंसान से ही आना होगा।

इसके लिए LiveMach में एक ऑप्शनल डाउनटाइम रीज़न मॉड्यूल है। ये डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है। चालू करने पर ऑपरेटर हर स्टॉपेज के लिए एक छोटी लिस्ट से कारण चुनता है, दो टैप में।

लिस्ट छोटी रखिए। अपने सुपरवाइज़र के साथ तय किए छह से दस कारण, पचास कारणों से बेहतर चलते हैं। आम ग्रुप हैं: ब्रेकडाउन, चेंजओवर, माल का इंतज़ार, ऑपरेटर का इंतज़ार, क्वालिटी चेक और प्लान्ड मेंटेनेंस।

अगर आप मॉड्यूल बंद रखें, तब भी हर स्टॉप का समय आपको मिलता है। कई प्लांट पाते हैं कि अकेला समय ही पैटर्न दिखा देता है।

डाउनटाइम डेटा का करना क्या है?

कारणों को कुल खोए हुए समय के हिसाब से क्रम में लगाइए और सबसे बड़े कारण को पहले ठीक कीजिए। इस चार्ट को Pareto चार्ट कहते हैं।

  1. 1एक या दो हफ्ते के स्टॉप जमा कीजिए, मॉड्यूल चालू हो तो कारणों के साथ।
  2. 2हर कारण के खोए हुए मिनट जोड़िए।
  3. 3सबसे बड़ा कारण सबसे ऊपर रखिए और देखिए कि ऊपर के दो या तीन कुल का कितना हिस्सा कवर करते हैं।
  4. 4एक कारण चुनिए, उसका मालिक तय कीजिए, और तय कीजिए कि क्या बदलेगा।
  5. 5अगले हफ्ते वही चार्ट फिर देखिए कि वो खिसका या नहीं।

दस समस्याओं से शुरू मत कीजिए। एक ऐसा कारण जो ठीक होकर ठीक रहे, दस चर्चाओं से बेहतर है।

शुरू करने से पहले क्या चाहिए?

आपको मशीनों की एक छोटी लिस्ट चाहिए, ये अंदाज़ा कि हर मशीन कौन सा सिग्नल देती है, और कोई ऐसा जो हर हफ्ते डेटा देखे।

  • पायलट के लिए मशीनों की लिस्ट। एक मशीन या एक लाइन काफी है।
  • हर मशीन के लिए: उसमें चालू स्टैक लाइट है या नहीं, और नहीं है तो ऐसी पावर केबल जिस पर क्लैंप लग सके।
  • शिफ्ट और तय ब्रेक का मोटा अंदाज़ा, ताकि तय और बिना तय स्टॉप अलग किए जा सकें।
  • एक सुपरवाइज़र जो हफ्ते का रिव्यू संभाले।
  • डिवाइस के लिए नेटवर्क: WiFi की पहुँच, या सर्वे में हम विकल्पों पर बात करेंगे।

डाउनटाइम ट्रैकिंग क्या नहीं बता सकती?

ये कब और कितनी देर बताती है, जड़ कारण नहीं। और ये उसी सिग्नल पर टिकी है जो ये पढ़ती है।

  • ऑपरेटर कारण न चुने तो ये नहीं जानती कि मशीन क्यों रुकी।
  • ये कारण को ठीक नहीं करती। डेटा पर किसी को कदम उठाना ही पड़ेगा।
  • जिस मशीन में काम का लैंप या करंट सिग्नल नहीं है, उसके लिए कोई दूसरा सेंसर चाहिए, जो पायलट में तय होता है।
  • डेटा तभी काम का है जब हफ्ते का रिव्यू सच में हो।

पहले एक मशीन पर आज़माइए

आमतौर पर पहला कदम एक मशीन या एक लाइन पर पायलट होता है। हम सेंसर मशीन के बाहर लगाते हैं, आप दो हफ्ते डेटा देखते हैं, फिर आप फैसला करते हैं।

डाउनटाइम ट्रैकिंग के बारे में आम सवाल

क्या मुझे मशीनें खोलनी या दोबारा वायर करनी होंगी?
नहीं। LiveMach के सेंसर मशीन के बाहर लगते हैं। अंदर कुछ काटा या दोबारा जोड़ा नहीं जाता, और डिवाइस मशीन से इलेक्ट्रिकली आइसोलेटेड है।
डाउनटाइम और आइडल टाइम में क्या फर्क है?
डाउनटाइम वो समय है जब मशीन को प्रोडक्शन करना चाहिए था और वो नहीं कर रही। आइडल का मतलब है मशीन चालू है पर प्रोडक्शन नहीं कर रही। LiveMach इन्हें अलग स्टेट, रुकी और आइडल, के रूप में रिकॉर्ड करता है।
क्या ऑपरेटर को कारण भरने पड़ेंगे?
सिर्फ तब, जब आप ऑप्शनल डाउनटाइम रीज़न मॉड्यूल चालू करें। ये डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है। इसके बिना भी हर स्टॉप का समय आपको मिलता है।
इंटरनेट चला जाए तो क्या होगा?
डिवाइस अपने आप लॉग करता रहता है और कनेक्शन लौटने पर सिंक कर देता है।
क्या मैं सिर्फ एक मशीन से शुरू कर सकता हूँ?
हाँ। एक मशीन या एक लाइन पर पायलट आमतौर पर पहला कदम होता है। बड़ा फैसला करने से पहले आप डेटा परख सकते हैं।