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OEE क्या है और इसका हिसाब कैसे लगाएँ?

OEE का मतलब है Overall Equipment Effectiveness. ये एक परसेंट है जो बताता है कि आपके तय प्रोडक्शन टाइम में से कितना समय पूरी रफ्तार पर अच्छे पीस बनाने में गया। इसे तीन नंबरों के गुणा से निकालते हैं: Availability, Performance और Quality. 100% का मतलब है कोई स्टॉप नहीं, कोई धीमी रफ्तार नहीं, कोई रिजेक्ट नहीं।

लेखक प्रकाशित: आखिरी अपडेट:

OEE का हिसाब कैसे लगाते हैं?

आप तीन परसेंट का गुणा करते हैं: OEE = Availability × Performance × Quality. हर एक मशीन के बारे में एक सीधा सवाल पूछता है।

  • Availability: क्या मशीन तब चली जब चलनी थी? रन टाइम भाग तय प्रोडक्शन टाइम।
  • Performance: क्या पूरी रफ्तार पर चली? बने पीस भाग उतने पीस जो उस रन टाइम में आइडियल साइकिल टाइम पर बन सकते थे।
  • Quality: जो बना वो बिकने लायक था? सही पीस भाग कुल पीस।

तीनों का गुणा होता है, औसत नहीं, इसलिए OEE तेज़ी से गिरता है। जिस मशीन के हर फैक्टर पर 90% आता है, उसका OEE भी करीब 73% ही रहता है।

OEE का एक पूरा उदाहरण कैसा दिखता है?

यहाँ एक मशीन है, एक 8 घंटे की शिफ्ट पर, हर स्टेप के साथ। नंबर अपने बदल लीजिए, तरीका वही रहेगा।

शिफ्ट के इनपुट

सैंपल नंबर, कस्टमर का डेटा नहीं

चीज़वैल्यू
शिफ्ट की लंबाई480 मिनट
तय ब्रेक (चाय, लंच)45 मिनट
बिना तय डाउनटाइम (ब्रेकडाउन, इंतज़ार)55 मिनट
आइडियल साइकिल टाइम30 सेकंड प्रति पीस
बने पीस650
रिजेक्ट पीस26

हर स्टेप

सैंपल नंबर, कस्टमर का डेटा नहीं

स्टेपहिसाबनतीजा
तय प्रोडक्शन टाइम480 − 45435 मिनट
रन टाइम435 − 55380 मिनट
Availability380 ÷ 43587.4%
रन टाइम में आइडियल पीस380 × 60 ÷ 30760 पीस
Performance650 ÷ 76085.5%
सही पीस650 − 26624 पीस
Quality624 ÷ 65096.0%
OEE0.874 × 0.855 × 0.96071.7%

एक झटपट जाँच: 624 सही पीस, हर एक 30 सेकंड का, यानी 312 मिनट का परफेक्ट प्रोडक्शन। इसे 435 तय मिनट से भाग दीजिए, फिर 71.7% आता है।

पैटर्न देखिए। Availability में करीब 13 पॉइंट गए, Performance में करीब 14 और Quality में करीब 4। बड़े लीक स्टॉप और धीमी रफ्तार हैं, रिजेक्ट नहीं।

अपने नंबर प्रोडक्ट पेज के OEE कैलकुलेटर में डालकर देख सकते हैं। OEE सॉफ्टवेयर और कैलकुलेटर

OEE के पीछे छह बड़े नुकसान कौन से हैं?

छह बड़े नुकसान उन वजहों की स्टैंडर्ड लिस्ट हैं जिनसे मशीन 100% तक नहीं पहुँचती। हर नुकसान तीन में से एक फैक्टर को नीचे खींचता है।

नुकसानकिस पर असरआम उदाहरण
ब्रेकडाउनAvailabilityमोटर फॉल्ट, हाइड्रोलिक लीक, टूल क्रैश
सेटअप और एडजस्टमेंटAvailabilityजॉब चेंजओवर, पहले पीस की मंज़ूरी का इंतज़ार
छोटे स्टॉपPerformanceजाम, सेंसर ट्रिप, ऑपरेटर एक मिनट के लिए हटा
कम रफ्तारPerformanceआइडियल साइकिल टाइम से धीमा चलना
स्टार्टअप रिजेक्टQualityमशीन स्टार्ट के बाद सेट होने तक का स्क्रैप
प्रोडक्शन रिजेक्टQualityनॉर्मल चलते हुए इंस्पेक्शन में फेल हुए पार्ट

छोटे स्टॉप सबसे मुश्किल से दिखते हैं। 40 सेकंड का स्टॉप रजिस्टर में कोई नहीं लिखता, पर शिफ्ट में ऐसे बीस स्टॉप मिलकर लंबा स्टॉपेज बन जाते हैं।

अच्छा OEE स्कोर कितना होता है?

आमतौर पर जो बेंचमार्क बताया जाता है वो 85% है, और ये OEE की किताबों से आता है। इसे एक गाइड मानिए, हर प्लांट का टारगेट नहीं।

क्या अच्छा है ये इंडस्ट्री, प्रोडक्ट मिक्स और जॉब कितनी बार बदलते हैं, इस पर निर्भर करता है। कई छोटे रन वाली जॉब शॉप का स्कोर उस लाइन से अलग होगा जो दिन भर एक ही पार्ट बनाती है।

एक और ईमानदार बात। पहली माप अक्सर लोगों की उम्मीद से कम आती है। ये नाकामी नहीं है। इसका मतलब आमतौर पर ये होता है कि स्टॉप और धीमी रफ्तार पहले दिखते नहीं थे, अब दिखते हैं।

काम की तुलना आपकी अपनी मशीन की अपने आप से है, हफ्ते दर हफ्ते। किसी कारण को ठीक करने के बाद ऊपर जाता स्कोर, किताब के नंबर से ज़्यादा काम का है।

OEE और मशीन यूटिलाइज़ेशन में क्या फर्क है?

यूटिलाइज़ेशन सिर्फ इतना पूछता है कि मशीन कितनी देर चली। OEE ये भी पूछता है कि कितनी तेज़ चली और कितने पीस सही बने।

ऊपर की सैंपल शिफ्ट में मशीन 480 में से 380 मिनट चली। पूरी शिफ्ट पर यूटिलाइज़ेशन करीब 79% है। उसी शिफ्ट का OEE 71.7% है, क्योंकि ये धीमी रफ्तार और रिजेक्ट को भी गिनता है।

यूटिलाइज़ेशन जमा करना आसान है और अच्छी पहली सीढ़ी है। OEE के लिए इसके ऊपर पीस काउंट और रिजेक्ट काउंट भी चाहिए।

OEE के लिए डेटा कैसे जमा करें?

आप इसे कागज़ पर जमा कर सकते हैं या अपने आप कैप्चर कर सकते हैं। शुरुआत के लिए कागज़ चलता है। स्टॉप छोटे या बार बार होते ही ये भरोसे लायक नहीं रहता।

कागज़ पर ऑपरेटर या सुपरवाइज़र स्टार्ट और स्टॉप का समय, कारण और काउंट लिखता है। ये सस्ता है, पर याददाश्त पर टिका है, और छोटे स्टॉप छूट जाते हैं।

अपने आप कैप्चर में मशीन को सीधे पढ़ा जाता है। LiveMach मशीन के बाहर सेंसर वाला एक छोटा डिवाइस लगाता है। वो मशीन के सिग्नल पढ़ता है, जैसे स्टैक लाइट या करंट क्लैंप, और रिकॉर्ड करता है कि मशीन कब चल रही है, रुकी है, आइडल है या बंद है। इससे आपको रन टाइम और डाउनटाइम मिलता है, यानी Availability वाला हिस्सा, बिना किसी के रजिस्टर भरे।

  • तय प्रोडक्शन टाइम आपकी शिफ्ट और ब्रेक के शेड्यूल से आता है।
  • रन टाइम और डाउनटाइम डिवाइस से कैप्चर हुई मशीन की स्थिति से आते हैं।
  • आइडियल साइकिल टाइम आपकी अपनी प्रोसेस शीट या पार्ट के लिए तय किए गए आँकड़े से आता है।
  • सही और रिजेक्ट पीस के लिए काउंटिंग का इनपुट चाहिए। आपकी मशीन पर वो इनपुट क्या होगा, ये सर्वे में आपके साथ तय होता है।

LiveMach मशीन की स्थिति को रिपोर्ट और OEE में कैसे बदलता है, इसके लिए प्रोडक्ट पेज देखिए। OEE सॉफ्टवेयर

पहले एक मशीन पर आज़माइए

आमतौर पर पहला कदम एक मशीन या एक लाइन पर पायलट होता है। हम सेंसर मशीन के बाहर लगाते हैं, आप दो हफ्ते डेटा देखते हैं, फिर आप फैसला करते हैं।

OEE के बारे में आम सवाल

OEE का फुल फॉर्म क्या है?
OEE का मतलब है Overall Equipment Effectiveness. ये एक परसेंट है जिसमें Availability, Performance और Quality मिले होते हैं।
OEE का फॉर्मूला क्या है?
OEE = Availability × Performance × Quality. Availability यानी रन टाइम भाग तय प्रोडक्शन टाइम। Performance यानी असली पीस भाग आइडियल पीस। Quality यानी सही पीस भाग कुल पीस।
क्या मेरी फैक्ट्री के लिए 85% OEE realistic है?
85% का आँकड़ा OEE की किताबों में आमतौर पर बताया जाने वाला बेंचमार्क है। ये एक गाइड है। कई प्लांट इससे काफी नीचे से शुरू करते हैं, और क्या realistic है ये आपके प्रोडक्ट और जॉब बदलने की बारंबारता पर निर्भर है।
क्या OEE निकालने के लिए सॉफ्टवेयर चाहिए?
नहीं। आप इसे कागज़ या Excel में निकाल सकते हैं। सॉफ्टवेयर तब काम आता है जब आप चाहते हैं कि इनपुट मशीन से अपने आप आएँ, ताकि छोटे स्टॉप न छूटें।
क्या OEE 100% से ज़्यादा हो सकता है?
नहीं। अगर 100% से ऊपर आए, तो आइडियल साइकिल टाइम बहुत धीमा रखा गया है या काउंट गलत हैं। पहले यही दो चीज़ें जाँचिए।